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चारों वेद Enroll Now

शुक्ल यजुर्वेद संहिता

Acharya Badrinarayan Pandey 
551 Rupees
12 months

Short Description

शुक्ल यजुर्वेद संहिता सनातन वैदिक ज्ञान, यज्ञ विज्ञान और दिव्य चेतना का अनुपम खजाना है। यह पवित्र वैदिक ग्रंथ मानव जीवन को धर्म, ज्ञान, अनुशासन और आध्यात्मिक उन्नति की दिशा प्रदान करता है। इसमें वर्णित दिव्य मंत्र आत्मशुद्धि, मानसिक शांति एवं सकारात्मक ऊर्जा जागरण में सहायक माने जाते हैं। यज्ञ, अनुष्ठान, संस्कार एवं वैदिक कर्मकांडों का गहन एवं रहस्यमयी ज्ञान इसमें समाहित है। वैदिक ऋषियों द्वारा प्रकट मंत्रों में आध्यात्मिक शक्ति एवं ब्रह्मांडीय ऊर्जा का दिव्य संचार है। मंत्रों के शुद्ध उच्चारण एवं अर्थ के माध्यम से आध्यात्मिक अनुभव की प्राप्ति संभव होती है। वैदिक संस्कृति, परंपरा एवं सनातन जीवन मूल्यों को समझने का श्रेष्ठ माध्यम। साधकों, विद्यार्थियों एवं वैदिक ज्ञान प्रेमियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायक एवं लाभकारी अध्ययन। आत्मबल, चेतना और आध्यात्मिक जागरण को विकसित करने वाला दिव्य वैदिक मार्ग। शुक्ल यजुर्वेद संहिता के पवित्र ज्ञान से जीवन में शांति, प्रकाश, सकारात्मकता और दिव्यता का अनुभव करें।

Course Description

शुक्ल यजुर्वेद संहिता

शुक्ल यजुर्वेद संहिता का शुद्ध वैदिक पाठ एवं मंत्रार्थ सहित अध्ययन

वैदिक यज्ञ, कर्मकांड ,16 संस्कार एवं जीवन-दर्शन की व्यावहारिक समझ

शुद्ध स्वर, उच्चारण एवं प्रयोगात्मक प्रशिक्षण

गुरुकुल परंपरा के अनुरूप संस्कारयुक्त वैदिक शिक्षाएं 

 कोर्स अवधि

12 माह (1 वर्ष)
(आवश्यकतानुसार 6 माह / 18 माह का विकल्प भी उपलब्ध है )

 संरचना (अध्यायवार)

प्रथम चरण : वैदिक आधार (2 माह)

वेद परिचय एवं शुक्ल यजुर्वेद का महत्व

वाजसनेयी संहिता का स्वरूप

यज्ञ एवं कर्मकांड का वैदिक दर्शन

द्वितीय चरण : स्वर एवं पाठ प्रशिक्षण (4 माह)

वैदिक स्वर विज्ञान (उदात्त, अनुदात्त, स्वरित)

संहिता पाठ, पद पाठ

शुद्ध उच्चारण अभ्यास

तृतीय चरण : अध्याय 1–10 (6 माह)

दर्श–पूर्णमास यज्ञ

मंत्रार्थ एवं प्रयोग

यज्ञ का आध्यात्मिक अर्थ

चतुर्थ चरण : अध्याय 11–20 (8 माह)

अग्निहोत्र एवं सोम यज्ञ

ऋत्विजों की भूमिका

देवता एवं यज्ञ संबंध

पंचम चरण : अध्याय 21–30 (10 माह)

राजसूय, वाजपेय यज्ञ

सामाजिक एवं राष्ट्र जीवन में यज्ञ

शांति एवं समृद्धि मंत्र

षष्ठ चरण : अध्याय 31–40 (12 माह)

पुरुष सूक्त 

सृष्टि, समाज एवं जीवन दर्शन

कर्म, धर्म एवं मोक्ष का विवेचन

सप्तम चरण : व्यावहारिक प्रयोग 

यज्ञ विधि का प्रत्यक्ष अभ्यास

संस्कारों में शुक्ल यजुर्वेद का प्रयोग

प्रश्न–उत्तर एवं शंका समाधान

अष्टम चरण : पुनरावृत्ति एवं मूल्यांकन

संपूर्ण संहिता का सार

मंत्र पाठ परीक्षा